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समृद्धि रिलीफ चैरिटेबल ट्रस्ट (उ0 प्र0) की नियमावली

आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना की नियमावली:


समृद्धि रिलीफ चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना 10 मार्च 2026 को समाज के उच्च पदस्थ से लेकर अंतिम व्यक्ति तक तीव्र आर्थिक, न्यायिक, शैक्षिक एवं सामाजिक राहत पहुँचाने के उद्देश्य से की गई है।

शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम विभाग, राजस्व विभाग, ग्राम विकास विभाग, परिवहन विभाग, रेल विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, बैंक विभाग, पुलिस विभाग, होमगार्ड आदि के सभी सरकारी, संविदाकर्मी, आउटसोर्सिंग कर्मचारी एवं अधिकारी इस ट्रस्ट की सदस्यता ले सकते हैं।

कॉलेज, मदरसा, वित्तविहीन विद्यालय के अध्यापक, शिक्षणेतर कर्मचारी एवं प्रबंधक, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी, अधिकारी, एडवोकेट, मीडिया कर्मी, डॉक्टर, इंजीनियर, किसान, मजदूर, व्यवसायी, गृहणी, छात्र-छात्राएँ सभी इस ट्रस्ट के सदस्य बन सकते हैं।

  1. समृद्धि रिलीफ चैरिटेबल ट्रस्ट व्यवसायिक भावना से ऊपर उठकर आर्थिक मदद करता है। सदस्यता हेतु उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना या उत्तर प्रदेश में किसी सरकारी/प्राइवेट संस्था में कार्यरत होना अनिवार्य है।
  2. सदस्यता की आयु सीमा 18 वर्ष से 55 वर्ष तक है। एक बार सदस्य बनने के बाद 65 वर्ष तक सदस्यता रखी जा सकती है। 65 वर्ष पूर्ण होते ही सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी। सभी नियमों के अनुसार वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। प्रत्येक सदस्य को वार्षिक ₹100 (एक सौ रुपये) का सहयोग देना अनिवार्य है।
  3. 15-03-2026 से सदस्यता आयु सीमा 18 से 55 वर्ष निर्धारित की गई है। सदस्य बनने के बाद 65 वर्ष तक सदस्यता मान्य रहेगी।
  4. प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी से 31 जनवरी के बीच ₹100 वार्षिक दान देना होगा।
  5. सदस्यता सक्रिय बनाए रखने हेतु हर वर्ष दान देने के बाद प्रोफाइल में ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट अपलोड करना अनिवार्य है।
  6. सूचनाओं के लिए आधिकारिक WhatsApp और Telegram ग्रुप से जुड़े रहना होगा। सूचना के अभाव में होने वाले नुकसान के लिए सदस्य स्वयं जिम्मेदार होगा।
  7. यदि किसी सदस्य का आकस्मिक निधन हो जाता है, तो सभी सदस्य मिलकर निर्धारित राशि मृतक के नामिनी के खाते में भेजेंगे। वर्तमान में प्रति सदस्य ₹100 सहयोग निर्धारित है।
  8. 20-03-2026 से 31 दिसम्बर 2026 तक जुड़ने वाले सदस्यों का लॉक-इन पीरियड उसी दिन से लागू होगा। 1 जनवरी 2027 के बाद जुड़ने वालों के लिए 12 महीने का लॉक-इन रहेगा।
  9. वैध सदस्यता के लिए लॉक-इन अवधि के दौरान सहयोग करना अनिवार्य है तथा कुल सहयोग का कम से कम 80% योगदान जरूरी है।
  10. हेल्पलाइन नंबर: 9454781177, 8810981177
  11. संस्थापक मंडल सभी मामलों में निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा। कोई सदस्य कानूनी दावा नहीं कर सकता।
  12. यदि गलती से अधिक राशि भेजी जाती है, तो उचित प्रमाण पर वापस की जाएगी।
  13. यदि सदस्य सहयोग बंद कर देता है और 80% मानक पूरा नहीं करता, तो पुनः सदस्यता के लिए लगातार 8 माह सहयोग करना होगा।
  14. आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी।
  15. यदि नामिनी द्वारा सदस्य की हत्या की जाती है, तो सहायता नहीं दी जाएगी।
  16. ट्रस्ट सीधे नामिनी के खाते में सहायता राशि भेजता है।
  17. ट्रस्ट के खिलाफ गलत प्रचार करने पर सदस्यता समाप्त की जा सकती है।
  18. अशोभनीय व्यवहार करने पर सदस्यता रद्द की जाएगी।
  19. वार्षिक ₹100 का उपयोग वेबसाइट निर्माण व संचालन, ऐप निर्माण व संचालन, कार्यालय खर्च, हेल्पलाइन स्टाफ वेतन, सत्यापन कार्य, प्रचार-प्रसार, नई तकनीक विकास तथा जरूरतमंदों की सहायता में किया जाएगा।
  20. 65 वर्ष पूर्ण होने के बाद मृत्यु होने पर ₹2,50,000 अंतिम संस्कार हेतु दिए जाएंगे (बजट अनुसार परिवर्तन संभव)।
  21. नोट:

    • भविष्य में दुर्घटना एवं गंभीर बीमारी हेतु योजना लागू की जाएगी।
    • छात्रों की उच्च शिक्षा हेतु योजना लाई जाएगी।
    • बेटी विवाह कन्यादान योजना 1 जनवरी 2027 से लागू होगी।
    • 12 महीने लॉक-इन पीरियड रहेगा।
    • 80% सहयोग आवश्यक होगा।
    • लाभ लेने के बाद 10 वर्ष तक 80% सहयोग देना अनिवार्य होगा।
    • अधिकतम 2 बेटियाँ ही पात्र होंगी।
    • भाई भी बहन की शादी में पात्र हो सकता है।
    • स्वयं की शादी पर योजना लागू नहीं होगी।
    • माता-पिता न होने पर बेटी स्वयं आवेदन कर सकती है।
    • पति-पत्नी में से केवल एक ही पात्र होगा।
    • बेटी का सदस्य होना आवश्यक है (बाल विवाह रोकने हेतु)।
    • 18 वर्ष पूर्ण होने पर सदस्यता अनिवार्य।
    • योजना में ₹100 तक सहयोग निर्धारित।
    • सहयोग न करने पर अन्य लाभ प्रभावित नहीं होंगे।
    • योजना कानूनी अधिकार नहीं, नैतिक सहयोग है।
    • आवेदन शादी से 1 माह पहले करना अनिवार्य।
    • भविष्य में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा / तकनीकी शिक्षा / सिविल सर्विसेज की पढ़ाई हेतु योजना एवं नियम बनाया जायेगा।

    बेटी विवाह एवं कन्यादान योजना—


    1. एक जनवरी 2027 से बेटी विवाह कन्यादान योजना का शुभारंभ किया जा रहा है।
    2. एक जनवरी 2027 के बाद रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 12 महीना निर्धारित है। स्थापना दिवस 10 मार्च 2026 से लेकर 31 दिसम्बर 2026 तक रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड की कोई बाध्यता नहीं है।
    3. सदस्य द्वारा सदस्यता तिथि से बेटी विवाह कन्यादान योजना तिथि तक इस योजना में कम से कम 80 प्रतिशत अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि सदस्य 80 प्रतिशत अवसरों पर सहयोग नहीं करता है तो आवेदन हेतु पात्र नहीं होगा।
    4. लाभ प्राप्त करने के बाद न्यूनतम 10 वर्ष तक 80 प्रतिशत अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर असामयिक निधन और गंभीर बीमारी इलाज हेतु आर्थिक सहायता स्वतः अमान्य हो जाएगी तथा सदस्य ट्रस्ट की अन्य आर्थिक योजनाओं से भी अपात्र हो जाएगा।
    5. सदस्य की अधिकतम 2 जैविक पुत्रियां ही इस योजना में आर्थिक मदद हेतु पात्र होंगी।
    6. यदि भाई अपनी बहन की शादी में लाभार्थी है तो वह अधिकतम 2 जैविक बहन या जैविक बेटी या एक बहन और एक बेटी के विवाह में सहयोग प्राप्त कर सकता है।
    7. सदस्य के स्वयं के विवाह पर यह योजना लागू नहीं होगी।
    8. यदि बेटी के माता-पिता और कोई जैविक भाई जीवित नहीं है, तो बेटी स्वयं इस योजना का लाभ ले सकती है।
    9. यदि पति-पत्नी दोनों सदस्य हैं, तो केवल एक ही व्यक्ति इस योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होगा।
    10. जिस बेटी के विवाह हेतु आवेदन किया जा रहा है, उसका ट्रस्ट का सदस्य होना अनिवार्य है ताकि बाल विवाह रोका जा सके।
    11. यदि सदस्यता लेते समय बेटी की आयु 18 वर्ष से अधिक है, तो उसका सदस्य बनना और 80 प्रतिशत सहयोग करना अनिवार्य है। यदि आयु 18 वर्ष से कम है, तो 18 वर्ष पूर्ण होने पर सदस्यता लेना और सहयोग करना आवश्यक होगा।
    12. एक जनवरी 2027 के बाद सदस्यता लेने वालों के लिए यह नियम लागू होगा कि बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होते ही उसे सदस्य बनना होगा और दोनों योजनाओं (कन्यादान व आकस्मिक निधन) में 80 प्रतिशत सहयोग करना होगा।
    13. इस योजना में प्रति सदस्य अधिकतम ₹100 तक का सहयोग निर्धारित है, जिसे परिस्थिति अनुसार बदला जा सकता है।
    14. यदि कोई सदस्य इस योजना में सहयोग नहीं करता, तो भी आकस्मिक निधन योजना के तहत सहायता प्रभावित नहीं होगी।
    15. ट्रस्ट सीधे बेटी के पिता के खाते में सहायता राशि भेजता है। यह लाभ केवल नैतिक है, कानूनी दावा नहीं किया जा सकता।
    16. विवाह तिथि से कम से कम 1 माह पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है, ताकि सत्यापन व सहयोग प्रक्रिया पूरी की जा सके।
    17. यदि माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो भाई सदस्य बनकर लॉक-इन पूरा करने के बाद 80 प्रतिशत सहयोग करके बहन के विवाह हेतु पात्र होगा।
    18. यदि बेटी पूर्णतः अनाथ है और कोई सहयोगी नहीं है, तो संस्थापक मंडल उसके विवाह में सहायता करेगा।
    19. यदि सदस्य पिता की मृत्यु विवाह से पहले हो जाती है, तो माता सदस्य बनेगी और लॉक-इन अवधि पिता की सदस्यता तिथि से जोड़ी जाएगी (और इसके विपरीत स्थिति में भी यही नियम लागू होगा)।
    20. यदि आकस्मिक निधन योजना का लॉक-इन पूरा होने के बाद माता-पिता दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो बेटी को बिना किसी अतिरिक्त सहयोग के इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।